Saturday, 24 September 2016

मोहब्बत का रिश्ता

दुनियाँ के झमेले में
रंजोगम के मेले में
साया भी साथ छोड देता है
तनहाईयों में
सिर्फ तुम्हारी यादें
और महकती साँसें
वफाओं के इरादे
मोहब्बत का ख्याल
रूसवाइयों के चलते
अपने पराये
कोई नजर नही आता
दूर दूर तलक
खामोशियों के शायें
और
महकती शबनमी मोतियों की माला लिये
स्वागतातुर
महकती चाँदनी

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव