Saturday, 1 October 2016

इन्तजार

कौन तेरा इन्तजार करेगा
जैसे सदियों से मैं करता आया
कौन तेरा एतबार करेगा
जैसे मैं करता हूँ
तेरी मोहब्बत का एतबार मैं करता हूँ
मेरी मोहब्बत का एतबार तुझे है
तू मेरे दिल की धडकन है दिली एतबार है
तू मेरी मोहब्बत मेरा प्यार है तुझे एतबार है मुझे इकरार है
गर एक बार मुझे तू मिल जाये
कसम खुदा की
सहराओं में कमल खिल जाये
मेरे जीने का सहारा तू है
मौंजों को साहिल की मोहब्बत का एतबार आये

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव