Sunday, 2 October 2016

दहेज

दहेज जैसी कुरीतियाँ बनाई हमने
समाज में व्यापक सर्व मान्यता दिलाई हमने
दोनों हाथ खोलकर दहेज देते है बापू
बेटियों के सारे अश्क पोंछ लेते हैं बापू
दहेज माँगने वाले भिकारी यार होते हैं
दहेज बाबुल का बेटी के पृति समर्पित प्यार होता है
अपनी हैसियत से कहीं ज्यादा तोहफे बाबुल बेटियों को प्यार से देता है
दहेज लोभी गर्व से स अधिकार लेता है
दहेज को लोभियों अपना अधिकार न तुम मानो
इसे बाबुल का बेटियों के पृति प्यार तुम जानों
पाप है मांग दहेज की भीख न तुम माँगों
बाबुल की मोहब्बत है बेटियाँ सबसे बडा दहेज इसे तुम जानों

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव