Tuesday, 11 October 2016

मोहब्बत तुम्हारी हमारी

कायनात मे सबसे खुबसूरत और प्यारी
मेरे महबूब मोहब्बत हमारी तुम्हारी
तुम्हारी चाहत
तुम्हारी मोहब्बत
जिन्दगी को बस
तुम्हारी जरूरत
महकती फिजा
महकती कायनात
निखरती कुमुदनी
ज्यों कारी स्याह रात
पूनम की शबनमी चाँदनी
मोतियों का शबनमी सिंगार
दामन दमकता चाँद तारोम से
पूनम की शबनमी चाँदनी रात
महबूबे मोहब्बत का साथ
दमकती चाँदनी रात
पहलू में महकती चाँदनी
जिन्दगी से मेरी मुलाकात
तुम्हारी मोहब्बत

जैसे दमकती चाँदनी
जैसे भोर में खिलती कुमुदनी
जैसे महकती शेफाली
जैसे तुम्हारा अनमोल प्यार
निस्वार्थ मोहब्बत हमारी
जैसे दमकते चाँद सूरज का साथ

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव