Tuesday, 4 October 2016

नारी शक्ति

नारी माँ बहन हमारी है
बीबी अर्धागिंनी प्यारी है
रिश्ते नातों में बटा ये जहाँ है
नारी शक्ति है चण्डी है
जग जननी है
नारी ने रचा जहाँ है
नारी शक्ति के आगे त्रि शक्ति ने शीश झुकाया है
नारी ने माँ बनके अपने पुत्र पुत्रियों को असुरो से बचाया है
माँ सीता भी नारी थी मा पार्वती भी
इनका संदेश भारतिय नारियों के दिलों को आज भी भाता है
शक्ति के उपासक है हम
शक्ति का उपासक ये सारा जहाँ है
शक्ति ने अपनी शक्ति से रचा ये सारा जहाँ है
शक्ति से वसुन्धरा और अासमान है
शक्ति से असतित्व आदमी का
शक्ति से उतपन्न है कुदरत ये सर्वमान्य है
शक्ति की भक्ति में बसा जिन्दगी जहाँ है
कभी न तुम शर्मिन्दा होना अपनी शक्ति पे
शक्ति की अनुपम कृति पूनम की चाँदनी
और महकती कायनात फिजा सारा जहाँ है
शक्ति की शक्ति से शर्मिंदा मत होना
शक्ति से हमारा मान सम्मान है
नारी ही शक्ति है शक्ति ही नारी है
मित्र यही कुदरत का विधान है
अपनी शक्ति को तुम पहचानो
अपनी शक्तियों को तुम जानों
जिस रोज अपनी शक्ति को जान जाओगे
माँ बापू के चरणों में नतमस्तक होकर अपना शीश झुकाओगे
नारी को कोठे तक पहुँचाने वाला भी किसी माँ का लाल है
किसी माई की लाली है
शक्ति को अपशब्द कहना नही शक्ति की पहचान
शक्ति के आगे शीश झुका अपना वर्चस्व बचाओ

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव