Sunday, 9 October 2016

लम्हें प्यार के

तलाश है उन अनमोल मोहब्बत भरे लम्हों की
जो तुम्हारें साथ बिताने की दिली ख्वाहिश है मेरे महबूब
रब से गुजारिश है या रब वो लम्हें लिख दे मुकद्दर में मेरे
हवा में उडू
दीदारे यार करू
बाहों में भरके जी भर के  मोहब्बत का इझहार करू
साज भी मेरे ही हो
आवाज भी मेरी ही हो
दिल मेरा हो धडकन मेरे यार की
जिस्म मेरा हो रूह मेरे प्यार की
एतबार की इन्तहा न हो न इन्तजार की
ख्वाबगाह मे तुझसे मुलाकात हो
बरखा हो तेरे प्यार की

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव