रब से मिलती है रहमत
दुआओ से मिलता एतबार
मेरी किश्ती का खेवनहार जब रब है
जिन्दगी को उसकी मोहब्बत पर तहेदिल से एतबार
नूरे रूखसार से रौशन ये कायनात
ये फिजा ये अम्बर ये चाँद तारे ये नजारे
दिल की हरेक धडकन रहबर तुझे पुकारे
इन्तजार की इन्तहा न हो जाये मेरे रहबर आजा रे
फूलों की तरह सदा मुस्कुराओ
अपनी महक से फिजा महकाओ
चिडियों की तरह चहकती रहों
भृमरों की तरह नग्में मोहब्बत के गुनगुनाओ
No comments:
Post a Comment