चम्पा
ए चम्पा तेरी महक मेरे दिल को रास आई
तेरी कसम तेरी महक दिल मे मैने बसाइ
तेरा आँगन सूना हो जायेगा महक के बिना
फिर कोई ना आयेगा तेरे उपवन की सैर को
तेरी कसम तेरी महक दिल मे मैने बसाइ
तेरा आँगन सूना हो जायेगा महक के बिना
फिर कोई ना आयेगा तेरे उपवन की सैर को
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