Monday, 5 December 2016

नूरे रुखसार

तेरी ही मोहब्बत का सहारा है
वरना दुनियाँ में कौन हमारा है
मतलब के लिये दुनियाँ यारी करती है
हमें तेरी मोहब्बत से मिलता सहारा है
तूही मोहब्बत है तू ही प्यार हमारा
तेरी यारी की शमाँ से रौशन जिन्दगी हमारी
तेरे नूरे रूखसार से रौशन ये दुनियाँ ये जहाँ
जर्रा जर्रा ए कायनात ये जमीं ये आसमाँ
तेरी मोहब्बत में सभी मौसम सुहाने लगते हैं
तेरी मोहब्बत तेरे नूर में सभी दीवाने से लगते हैं
चाँदनी की सी पाकीजगी से लबरेज है मोहब्बत तुम्हारी
दिल में दिलकश छवि मेरे महबूब लगती बहुत प्यारी
मेरी इन अँखिंयों में बसी महकती दिलकश छवि
मेरे महबूब लगती है बहुत अच्छी और बहुत प्यारी
मेरे महबूब तेरे दामन में कायनात समाई है
तेरी मोहब्बत की महक मैने दिल मे बसाई है
तेरे पीताम्बर से रौशन ये दुनियाँ ये जहाँ है
तेरी बाँसुरी की धुन में दीवाना जमीं आसमाँ है
मेरी अँखिंयाँ पथराई है दीदारे यार के इन्तजार में
जाने कब वो घडी आयेगी जिन्दगी में जब तेरा दीदार होगा
तेरी जमीं की माटी लगती है माखन मिसरी से प्यारी
तेरे दरश की भूखी ये दो अँखिंया हमारी
इतना ही काफी है मेरे महबूब तू मेरा है
तनहाईयाँ आबाद है क्योकि तेरी यादों का डेरा है
मनोहर यादव " अमृत सागर " 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव