Sunday, 11 December 2016

नूरे रूखसार से रौशन है जिन्दगी

नूरे रूखसार से रौशन है जिन्दगी
फकत खामोशी सबब ए मोहब्बत यार होती है

नजरों ही नजरों में इकरार ए मोहब्बत होता है
दिल की ख्वाहिश महबूबे मोहब्बत प्यार होता है

आबाद है गुलशन उनकी मोहब्बत की महक से
जर्रा जर्रा ए कायनात मोहब्बत की महक से वाकिफ है

मोहब्बत अब इबादते हुस्न यार हो गई
जिन्दगी महबूबे मोहब्बत की महक में खो गई

उनकी मोहब्बत से बेकरार दिल को आता है करार
दिल की हरेक धडकन उनके सैलाभे मोहब्बत को बेकरार

यही तो मोहब्बत हा यही तो प्यार
इबादते हुस्न इनायते रब मेरे यार

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव