जब कभी तुम्हारी
याद आती है
बहुत याद आती है
तनहाईयों में
एक वही तो है जो
हमेशा साथ निभाती है
कसम तुम्हारी
तुमसे पहले पहुँच जाती है
आशियाना ए दिल में
परत दर परत
पल पल हरेक पल
महकती है केशर की
मानिंद कायनातों फिजा में
चिडियों सी चहकती है
एक तुम्हारी याद ही तो है
जो सदैव मेरे दिल में
मेरे जिस्म में
तुम्हारी रूह की मानिंद
रहती है बचाती है
तनहाईयों की आहटों से
ख्वाहिशें ख्वाबगाहों से
तुम्हारी याद
मेरे दिल की धडकन की
मार्निंद
मेरी मोहब्बत मेरी दिली
आरजू यादे मेरी
महबूबे मोहब्बत की
महकती यादें !
मनोहर यादव " अमृत सागर "
जर्रे जर्रे में समाई तेरी मोहब्बत तेरा ही नूर है
मेरे पृियतम साँवरिया इस दिल की धडकन है तू , तूही गुरूर है
अमृत सागर परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है
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मोहब्बत से लबरेज कविताओ का खजाना
साँझ ढले तो आ जाना
अमृत सागर मे डुबकी लगाना चले आना
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