तेरी यादों का सहारा न होता
दुनियाँ से किनारा कर लेते
दुनियाँ से किनारा कर लेते
हम छोड के दुनियाँ चल देते
हम छोड के दुनियाँ चल देते
आशियाना ए दिल अाज भी आबाद है तेरी हूँ सी यादों से
जिन्दगी चल रही है वादों की बैशाखी पर
तेरी यादों और यादों से आबाद है
गुलिस्ताँ ए जिन्दगी मेरे हँसी यार
तुम्ही हो मोहब्बत तुम्ही हो एतबार
मनोहर यादव " अमृत सागर "
No comments:
Post a Comment