Friday, 13 January 2017

महकती यादें

तेरी यादों का सहारा न होता
दुनियाँ से किनारा कर लेते
दुनियाँ से किनारा कर लेते
हम छोड के दुनियाँ चल देते
हम छोड के दुनियाँ चल देते
आशियाना ए दिल अाज भी आबाद है तेरी हूँ सी यादों से
जिन्दगी चल रही है वादों की बैशाखी पर
तेरी यादों और यादों से आबाद है
गुलिस्ताँ ए जिन्दगी मेरे हँसी यार
तुम्ही हो मोहब्बत तुम्ही हो एतबार

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव