सुहानी साँझ ढल गई
तुम्हारे इन्तजार में
शमाँ भी डगर बदल रही
तुम्हारे इन्तजार में
मायुसी फिजा में बढ रही
तुम्हारे इन्तजार में
अश्कों की बाढ लग रही
तुम्हारे इन्तजार में !
दिल की धडकन बढ रही
तुम्हारे इन्तजार में !
मनोहर यादव " अमृत सागर "
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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