अमृत सागर का हाले दिल वही जानता है
मौंजों और साहिल की मोहब्बत को पहचानता है
साहिल के दर्दे दिल को अमृत सागर बखुबी समझता है
इसलिये मादक मौंजों की मोहब्बत कों बखानता है
महबूबे मोहब्बत के दर्दे दिल को अमृत सागर जानता है
तनहाईयों में मौंजों के दर्द भरे दिल की आहट जानता है
अमृत सागर में दिन रात मोहब्बत में मशगूल दिल यार होते हैं
मोहब्बत में तडपते हैं तनहाईयों में दर्दे दिल से ख्वाब सजोते हैं !
मनोहर यादव " अमृत सागर "
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