Thursday, 16 February 2017

नूरे रूखसार

नूरे रूखसार से रौशन ये जहाँ है
ये शबनमी वसुन्धरा और आसमाँ

नूरे रूखसार की कशिश से घायल हम हुये
तेरी मोहब्बत की मादक महक के कायल हम हुये

नूरे रूखसार जैसे सूरज की पहली किरण
तेरा जिन्दगी में आना ज्यों कस्तूरी से बहका हिरण

नूरे रूखसार मेरी जिन्दगी मेरी सरकार
मोहब्बत की तडप में मचलता महबूब यार

तेरी अँखियों ने एसा जादू किया है
तनहाईयाँ बे पर्दा मेरे यार हो गई

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव