नारी से दुनियाँ जहाँ है
वसुन्धरा और आसमाँ है
जननी है सारे जहाँ की
इबादत की हकदार है
नातों रिश्तों में जकडा
ये संसार है
नारी जहाँ की धडकन
जिन्दगी का नारी ही सार है
मोहब्बत की मूरत है वो
बेकरार दिल की धडकन
बहुत प्यारी और बहुत खुबसूरत है वो
त्याग बलिदान और ममता की मूरत
बहुत दिलकश और बडी खुबसूरत है वो
उसकी वाणी से दुनियाँ की राग है
शक्ति है वो भक्ति है वो
जीवन ज्योति जिन्दगी की धडकन है वो
नारी से ये दुनियाँ जहाँ है
नारी से वसुन्धरा और आसमाँ है
नारी ही कुदरत है नारी ही कृियेटर
नारी ने रचा ये जहाँ है
बिन नारी अर्थहीन दुनियाँ जहाँ है
माँ वसुन्धरा है वो जिन्दगी की धडकन है
बलिदान की पृतिमूर्ती से जमीं आसमाँ है
मनोहर यादव " अमृत सागर "
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