Tuesday, 7 March 2017

मोहब्बत

दीदारे यार से दिल हुआ बेकरार !
नूरे रूखसार से चहक उठा संसार !!

मोहब्बत की मौंजों से दिल हुआ बेकरार !
नजरों ने हाले दिल बयाँ किया चहक उठा संसार !

काली घनेरी जुल्फें जो बिखरी उसने !
महबूबे मोहब्बत में दिल हुआ बेकरार !

मनोहर यादव " अमृत सागर "

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव