बेवजह महबूब ने अश्क समझ कर गिरा दिया
जब दिल किया मोहब्बत से उठा के दिल से लगा लिया
चिल्मन हमे समझकर एक झटके मे हटा दिया
महबूब ने चाँद हमे समझकर बाँहो मे समेट लिया
दर्दे दिल समझ कर महबूब ने हमको भुला दिया
दिल के जख्मो को कुरेदने के लिये बेवफाई का सिला दिया
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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