जहाँ की खुशीयों से तेरा दामन सजाउँ मैं
मेरी पहली मोहब्बत आखिरी ख्वाहिश है तू
दिल के आशियाने में तुझे बसाउँ मैं
बंद आँखों से भी तेरा ही दीदार करूँ
बेशुमार मोहब्बत तुझसे मेरी सरकार करूँ
दिल कहता है तेरा एतबार करूँ
उनमुक्त गगन में तुझसे प्यार करूँ
माँ की मानिंद तेरे आँचल में छुप जाउँ
कदम के पेड पे यमुना तीरे गोपियों के वस्त्र छुपाउँ
जहाँ को मोहब्बत का संदेशा दू
मोहब्बत की महक की महक से जहाँ महकाउँ
गोकुल की गोपियों की मटकियाँ फोडू
गुजरियों के घर से माखन चुराके सखाओं के ढिंग बैठ के खाउँ
कान्हा की मानिंद कलयुगी कालियाँ का दमन करूँ
राधिका की मोहब्बत कलयुग में पाउँ
जिन्दगी तेरी मोहब्बत में सर अपना झुकाके
मोहब्बत के नगमों से फिजा आज महकाउँ
जिन्दगी तेरी बाहों में बिन्दास समाउँ
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Sunday, 8 May 2016
जहाँ की खुशियों से
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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