कुदरत की हरेक शंय में
तेरा दीदार करता हूँ
जिन्दगी तुझसे बहुत प्यार करता हूँ
तेरी चाहत में जीता हूँ
तेरी चाहत में मरता हँ
बेशुमार प्यार तुझसे करता हूँ
तेरी मोहब्बत में जल बिन मछुरी सा तडपता हूँ
दिन रात आहें भरता हूँ
जिन्दगी बेपनाह मोहब्बत तुझसे करता हूँ
जिन्दगी आ तुझको गले लगा लू मैं
बाहों में भरके खुदकों तुझमें समां लूँ मैं
जिन्दगी तुझमें इस कदर खो जाउँ मैं
तेरी मोहब्बत में खुद को भुलाउँ मैं
तेरे सिवाँ किसी और को नजर न आउँ मैं
जिन्दगी तेरे दिल के आशियाने में जिन्दगी बिताउँ
जिन्दगी आखिरी ख्वाहिश है यही तेरी बाहों में समाउँ मैं
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Sunday, 8 May 2016
कुदरत की हरेक शंय में तेरा दीदार करता हूँ
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