Monday, 6 June 2016

०२८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



हर दिन होली हर रात दिवाली दुल्हन सी सजती मेरी मधुशाला
टप टप टपटप सागरमय से अविरल है टपकती सागरमय हाला
रोज़ यहाँ लगाती बाज़ी और प्रकाश बिखेरती आधुनिक दीपमाला
इंद्र धनुषी रंगो से सजती और संवरती मेरी आधुनिक मधुशाला

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव