Monday, 6 June 2016

०२९ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


बने रहे विशाल वृक्ष महुये के जिनसे मिलती दिव्य अनुपम हाला
खेतों में लहराते रहे गन्ने और पकती रहे शबनमी मादक हाला
अंगूर लताओं में झूमे और नित नित जश्न मने मेरी मधुशाला
नित नव डगर आते रहे नव परदेशी झूमती हाला पिलाये सुरबाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव