Monday, 6 June 2016

०३० - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



दुःखी मन लिए नित नव आते परदेशी मेरी आधुनिक मधुशाला
सागर मय हाला  पीते  ख़ुशियाँ मनाते अपनी डगर जाते परदेशी
दो छंटाक जब अंदर जाती जहां के सारे गम भुलाते जश्न मनाते
जब कभी फिर याद सताती मेरी आधुनिक मधुशाला आते परदेशी

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव