Friday, 10 June 2016

०६२ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


आज गिरिराज सुमेरु बन साकी आया मेरी मधुशाला का गौरव बढ़ाया
रूपसीविश्वमोहिनी बाला की अमृतसम सागरमय मादक हाला पीके
गिरिराज सुमेरु ने कृतक अंजान मनोहर संग मधुशाला में डेरा जमाया
मेरी मधुशाला की मादक हाला ने परदेशियों का दिल यारो चुराया 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव