Thursday, 16 June 2016

९८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ




उषा बेला के मादक सूरज सी रक्तिम अनुपम बाला की हाला
असुरो के कपालो से प्यालो में लेकर रक्तिम अमृतसम हाला
अति उदर साकी बन गांधियन साकी बन आई आया मेरी मधुशाला
जिसको जीतनी चाहिए पिले सागर मंथन से निकसि मादक हाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव