Saturday, 18 June 2016

१०५ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



सभी का सागरमय से नाता सभी को याद आती मधुशाला
कौन नहीं पीता हाला किसे न दिल से भाता मादक प्याला
अपनी अपनी मन मर्जी से सभी जन मेरी मधुशाला है आते
आज सभी की साकी सुरबाला आज सभी को भाती हाला



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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव