Saturday, 4 June 2016

००३ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



दुनिया की हरेक चीज  में बसती दिव्य अनुपम मादक हाला
बड़ी मोहब्बत तुझसे है कृतक अंजान डगर नाचे हो मतवाला
जीवन धन्य हो जाये  मनोहर गर पाये सागरमय हाला
आज कुर्बान जाए कृतक धन्य हो मेरी आधुनिक मधुशाला 

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव