Saturday, 4 June 2016

००४ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



मेरी प्रियतम रूपसी बाला मेरी दिव्य अनुपम सागरमय हाला
तुझको भरके प्याली प्याली में प्रियतम पी  जाउ कृतक निराला
झूम उठु मस्ती में प्रितम पीकर मोहब्बत भरी अनुपम हाला
झूम उठे मस्ती में हम दोनों और मेरी आधुनिक मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव