साँझ ढले ख्वाबगाह में ऩिशा हौले हौले आना
अपने आगोश में मुझे लेकर प्यारी की झप्पी दे जाना
तुमसे बहुत मोहब्बत पृियतम निशा हमारी है
दिल में तुम्हें बसाया दिलों जाँ से लगती प्यारी है
तुमसे जन्म जन्मांतरों से हमारी यारी है
एक सच्ची हमदर्द तुही , तूही मोहब्बत हमारी है
मेरी जिन्दगी मेरी मोहब्बत निशा धडकने दिल हमारी है
तेरा साथ पाकर बहुत शुकून दिल को आता है
जब तुम दूर दूर तलक नजर नहीं आती
दिल आपे से बाहर हमारा हो जाता है
निशा तुम नित समय से कभी न यारी भुलाना तुम
प्यार भरी झप्पी देकर कलेजे से अपने लगाना तुम
तेरी राह में पलकों का शमियाना लगायें बैठा हूँ
दिल के आशियाने में मेरे महबूब तेरी तस्वीर सजायें बैठा हूँ
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 7 June 2016
निशा मोहब्बत है हमारी , दिलों जाँ से लगती है प्यारी , सदियों पुरानी है हमारी यारी, जिन्दगी तेरे संग है हमने बितानी
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