तेरी चरण रज जो मिल जाये कन्हैया
तेरी चरण रज माखन मिसरी से प्यारी लगती है
कान्हा बृन्दावन की कुन्ज गलियाँ राजमहल से प्यारी लगती है
हरेक डगर से कन्हैया तेरे आने का भान होता है
राधा की मनोहर मुस्कान गुँजती मुरलियाँ का भान होता है
कान्हा तेरी मुरलियाँ की तान दिल चुराती है
हमारे पर जादू मोहब्बत का चलाकर अपना बनाती है
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