Sunday, 5 June 2016

०२० - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



पंडित मुल्ला ग्रन्थि और काजी बने पुजारी रूपसी साकी बाला
माला  फेरत फेरत आ पहुँचे मेरी आधुनिक तम ई - मधुशाला
बाला  की सागरमय हाला मंत्र बनी तंत्र बना अनुपम प्याला
कृतक बन बैठा राम की प्रतिमा मंदिर बन गई मेरी-मधुशाला  

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव