Sunday, 19 June 2016

११७ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



डगमग डगमग डोलती नैया पीके मादक हाला मेरी मधुशाला
मैं  तेरा साहिल तू सागर की मौज निराला मेरी मधुशाला
आके बसा दे दुनिया मेरी कबसे डगर तेरी निहारता कृतक निराला
अब देर न कर जल्दी से बाहों में मेरी आजा रूपसी बाला मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव