आँखों में बस गई है
दिलकश छवि तुम्हारी
हरेक पल निहारू तुमकों ,"कान्हा"
दिली ख्वाहिश है हमारी
चाहे कहीं भी तुम रहो
हर्दय के आइने में दीदारे
यार करते हैं "साँवरिया"
अपने दिल की धडकनों के
मानिंद
तेरी मोहब्बत में जीते है
मरतें है "साँवरिया"
जब तक ये कायनात है
हरेक पल तुम्हारा
इन्तझार करेंगें
दिली एतबार है कन्हैया
अपनी जाँ से भी ज्यादा
मोहब्बत मेरे सरकार करेंगें
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Sunday, 19 June 2016
हेरि मै तो पृेम दिवाणी -१
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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