Sunday, 5 June 2016

०१५ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


सारे  जहाँ  की हालओ से अनुपम बाला  की सागरमय मादक हाला 
सारे जहाँ में दिव्य  अनुपम मेरी आधुनिक ई मधुशाला का प्याला 
पीकर अनुपम राहत सब है पाते रूपसी की अमृतसम मादक हाला 
अंजान डगर नित नव परदेशी है आते मेरी आधुनिकतम मधुशाला २  

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव