Saturday, 4 June 2016

००६ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


रूपसी बाला  संग मिलकर नित्य बनाता महुये की हाला 
रूपसी का अनुपम सौनदर्य और मचलती यौवन हाला 
लबो से लगकर पी  जाऊ यौवन रस का मादक प्याला 
कृतक अंजान डगर झूम उठे पीके यौवन रस मेरी मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव