Sunday, 5 June 2016

०११ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



कायनातो फ़िज़ा झूमती जब  पयालो की सुरमई जब गूँजती 
संगीत की मादक स्वर लहरी की मौजों पे जब थिरकती बाला 
बाला  की पैजनैयो  की थाप पर झूम उठता कृतक ह्रदय मतवाला 
चाँदनी  के शबनमी मोतियों से चहक उठती मेरी आधुनिक मधुशाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव