मोहब्बत के अँजाम ने इतना मुझे रुलाया है
न कोई साथी न कोई हमदम दर्द मेरा साया है
रोता मुझे छोड मोहब्बत ने मुख मोड लिया
सरेशाम तनहाईयों के हवाले मुझे छोड दिया
मोहब्बत का अँजाम ऐसा होता है कभी सोचा न था
साऱी जिन्दगी अंजामें मोहब्बत ने मुझे तडपाया
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Thursday, 30 June 2016
अंजामे मोहब्बत से बे-खबर था दिल हमारा , रूसवाईयों के चलते टूकडे टुकडे हो गई , मायुसियों से मोहब्बत करके तनहाईयों के आगोश में खो गया , जमाने ने गम इतने दिये सुपूर्दे-खाक या रब हो गया
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
-
कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
-
जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
-
रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
No comments:
Post a Comment