Monday, 4 July 2016

१२० - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



तेरे मादक लबों पे हैं मादक अधर मेरे ए रूपसी बाला
नहीं बीच कोई हम दोनों के दिव्य अनुपम मादक प्याला
मेरे जिस्म में रुह बन समा रही तेरे लबों से टपकती मादक हाला
मेरी मधुशाला सदियों से चिर यौवन जैसे प्रियतम सुरबाला

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव