Monday, 4 July 2016

१२१- मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


बाद मुद्दत के मिली रूपसी बाला की अमृतसम हाला
फिर क्यों पियु दिव्य अनुपम मादक सागरमय प्याला
प्याले से छलकती सागरमय ने दीवाना फिजा को बनाया
मेरी मधुशाला की हाला का प्रेमी अंजान डगर चल आया

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव