Sunday, 10 July 2016

१८० - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


कभी न करती कंजूसी मुझको देने में सागरमय मादक हाला
जब तक मेरा जी करता पिता रहता हाला मेरी अपनी मधुशाला
चौबीसों घण्टे द्वार खुले ही रहते हैं जब जी करता आता मधुशाला
मेरी मधुशाला के द्वारे दोनों कर जोड़े सदा ही मिलती सुरबाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव