Sunday, 10 July 2016

१८१ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



मेरी जिन्दगी मेरी मधुशाला दिल की धड़कन रूपसी सुरबाला
बाला  नित बन बन डोलत और बनावत महुये की मादक हाला
रूपसी की सोमरस हाला ने दीवाना कृतक अंजान को कर डाला
अब चहुँ ओर नज़र है आवत मेरी मधुशाला और कमसिन बाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव