Wednesday, 6 July 2016

१४१ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


आज भले इंकार करे कोई कल हाथ में होगा अनुपम प्याला
आज कहे कभी न पियूँगा मैं  हाला कल होगा कर में प्याला
कभी न गुमा रहने पायेगा फिर छुप छुपके आयेगा मधुशाला
फिर परम प्रिय तीर्थ स्थल कहलायेगी मेरी आधुनिक मधुशाला 

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव