२३७ - मेरी आधुनिक मधुशाला
बरखा की पहली फुहार झूमती गाती आई मेरी मधुशाला
ढोल नगाड़ो और दुंदभी की थाप पर होश उड़ाती मधुशाला
गाज गरजती बिजुरिया चमकती लहराती बल खाती आई
मेरी मधुशाला के चौबारे धूम मचाती हाला बरसाती कारी बिजुरिया
बरखा की पहली फुहार झूमती गाती आई मेरी मधुशाला
ढोल नगाड़ो और दुंदभी की थाप पर होश उड़ाती मधुशाला
गाज गरजती बिजुरिया चमकती लहराती बल खाती आई
मेरी मधुशाला के चौबारे धूम मचाती हाला बरसाती कारी बिजुरिया
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