Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा,
चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 6 July 2016
१३६ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ
बासंती बयार नव कोपल ले आज आई मेरी मधुशाला
जन्नत के सोमरस की सी महकती उसने बनाई हाला
कृत संकल्पित कृतक ह्रदय भी मचल उठा पीने को
नव कोपल की हाला की महक से झूम उठी मधुशाला
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