Tuesday, 26 July 2016

२९७ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

गमो के अथाह सागर से मुक्ति दिलाती अंजली भर मादक हाला
दिल को अपनत्व का एहसास कराती मेरी आधुनिक मधुशाला
भटके हुये को राह दिखाती जिन्दगी की राह पे लाती रूपसी बाला
अनजान डगर के परदेशी को अपने दिल से लगाती मेरी मधुशाला

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव