Tuesday, 26 July 2016

२९८ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

शान से पिता हूँ शान से जीता हूँ नित आके मेरी मधुशाला
जिन्दगी जीने की उमंग बढ़ाती सुरबाला की सागरमे हाला
सुखद अहसास रूह तक पाती आके मेरी आधुनिक मधुशाला
कृतक अंजान डगर  संनिग्ध में अलख जगाती रूपसी बाला 

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव