Monday, 18 July 2016

२४९ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



साँवरिया की बाँसुरिया की मदभरी तान ने मधुशाला भरमाई रे
चहुँ दिशि चहुँ ओर साँवरे ने मोहब्बत भरी हाला आज बरसाई रे
देखो वो देखों गोरी गोरी राधिका चहुँ दिशि चहुँ और नज़र आई रे
कृतक अंजान डगर ने भ्रमित होत सुध बुध आज बिसिराई रे 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव