देख रहा हुँ सदियों से प्रियतम रूपसी कमसिन सुरबाला
सदियों से मैं पीता आया सुरबाला की ससगरमय हाला
पहली मोहब्बत आखिरी आरज़ू मेरी आधुनिक मधुशाला
जनम जनम यही पाने की ख्वाहिश बाला की यौवन हाला
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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