Monday, 18 July 2016

२५० - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ


देख रहा हुँ सदियों से प्रियतम रूपसी कमसिन सुरबाला
सदियों से मैं पीता आया सुरबाला की ससगरमय  हाला
पहली मोहब्बत आखिरी आरज़ू मेरी आधुनिक मधुशाला
जनम जनम यही पाने की ख्वाहिश बाला की यौवन हाला 

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव