Monday, 18 July 2016

२५१ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ



कृतक मेरी आधुनिक मधुशाला देख रहा चहुँ ओर मेरे मादक हाला
मादक हाला रूपसी कमसिन अल्हड मोहिनी सुरबाला मेरी मधुशाला
जन्नत हूर रम्भा से सुन्दर साकी बाला नित ही पिलाती मादक हाला
नित मेला सा यारो लगता है मेरी आधुनिक मधुशाला बरसती हाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव