Monday, 18 July 2016

२५२ - मेरी आधुनिक मधुशाला / મેરી આધુનિક મધુશાલા / মেরি আধুনিক মধুশালা /meri aadhunik madhushaalaa / ਮੇਰੀ ਆਧੁਨਿਕ ਮਧੂਸ਼ਾਲਾ

मेरी किसमत में थी सागरमय हाला आ पहुँचा मेरी मधुशाला
रूपसी कमसिन बाला की अक्षय सागरमय से छलकती हाला
मेरी मोहब्बत जन्नते हूर पृथ्वी का गुरुर प्रियतमा सुरबाला
मेरी मधुशाला सदा से बसी दिल में मेरे और भाती मादक हाला 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव