मेरी किसमत में थी सागरमय हाला आ पहुँचा मेरी मधुशाला
रूपसी कमसिन बाला की अक्षय सागरमय से छलकती हाला
मेरी मोहब्बत जन्नते हूर पृथ्वी का गुरुर प्रियतमा सुरबाला
मेरी मधुशाला सदा से बसी दिल में मेरे और भाती मादक हाला
रूपसी कमसिन बाला की अक्षय सागरमय से छलकती हाला
मेरी मोहब्बत जन्नते हूर पृथ्वी का गुरुर प्रियतमा सुरबाला
मेरी मधुशाला सदा से बसी दिल में मेरे और भाती मादक हाला
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